समन से बचने के लिए फरार होना पड़ सकता है महँगा! जानिए Section 206 BNS की सजा
Section 206 BNS, 2023 in Hindi: समन से बचने के लिए फरार होने पर सजा
Section 206 BNS के तहत समन या सरकारी कार्यवाही की सूचना से बचने के लिए फरार होने पर सजा, जुर्माना और अपराध का वर्गीकरण जानें।
Introduction
भारतीय न्याय संहिता, 2023 (Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023) की Section 206 ऐसे व्यक्ति के विरुद्ध दंड का प्रावधान करती है, जो किसी लोक सेवक द्वारा जारी समन या अन्य कार्यवाही की सूचना की तामील से बचने के उद्देश्य से फरार होता है या स्वयं को छिपाता है। यदि संबंधित समन या नोटिस न्यायालय में व्यक्तिगत उपस्थिति की मांग करता है, तो कानून में अधिक कठोर दंड निर्धारित किया गया है।
इस प्रावधान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कानूनी प्रक्रिया में बाधा डालने के लिए कोई व्यक्ति जानबूझकर समन या कार्यवाही की सूचना से बचने का प्रयास न करे।
Bare Act Provision
Section 206, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 का मूल अंग्रेजी पाठ इस प्रकार है:
“206. Whoever absconds in order to avoid being served with a summons, notice or order proceeding from any public servant legally competent, as such public servant, to issue such summons, notice or order, shall be punished with simple imprisonment for a term which may extend to one month, or with fine which may extend to five thousand rupees, or with both; or if the summons or notice or order is to attend in person or by agent, or to produce a document or an electronic record in a Court of Justice, with simple imprisonment for a term which may extend to six months, or with fine which may extend to ten thousand rupees, or with both.”
Meaning of Section 206 BNS
Section 206 का मूल उद्देश्य ऐसे व्यक्ति को दंडित करना है, जो किसी सक्षम लोक सेवक द्वारा जारी समन, नोटिस या आदेश की तामील से बचने के लिए फरार होता है। इस अपराध में केवल समन प्राप्त न होना पर्याप्त नहीं है; यह स्थापित करना आवश्यक है कि व्यक्ति ने संबंधित प्रक्रिया से बचने के उद्देश्य से फरार होने का आचरण किया।
इस प्रावधान में दो स्थितियों के लिए अलग-अलग दंड निर्धारित हैं। सामान्य स्थिति में, जब व्यक्ति समन, नोटिस या आदेश की तामील से बचने के लिए फरार होता है, तो अधिकतम एक महीने का साधारण कारावास या ₹5,000 तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। यदि समन, नोटिस या आदेश न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से या अभिकर्ता के माध्यम से उपस्थित होने अथवा दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड प्रस्तुत करने से संबंधित है, तो अधिकतम छह महीने का साधारण कारावास या ₹10,000 तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
Section 206, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023.
Essential Ingredients of Section 206
Summons, Notice or Order
पहला आवश्यक तत्व यह है कि किसी लोक सेवक की ओर से समन, नोटिस या आदेश जारी किया गया हो। यह प्रक्रिया ऐसे लोक सेवक से संबंधित होनी चाहिए, जो कानून के अंतर्गत उसे जारी करने के लिए सक्षम हो।
Legal Competence of the Public Servant
समन, नोटिस या आदेश जारी करने वाला लोक सेवक उस कार्यवाही के लिए कानूनी रूप से सक्षम होना चाहिए। यदि जारीकर्ता को संबंधित प्रक्रिया जारी करने का कानूनी अधिकार ही नहीं है, तो इस प्रावधान के आवश्यक तत्वों का मूल्यांकन अलग तरीके से करना होगा।
Absconding to Avoid Service
व्यक्ति का फरार होना या स्वयं को इस प्रकार छिपाना आवश्यक है कि वह समन, नोटिस या आदेश की तामील से बच सके। प्रावधान का केंद्र जानबूझकर प्रक्रिया से बचने का उद्देश्य है। केवल घर पर अनुपस्थित होना या किसी कारणवश समन प्राप्त न कर पाना अपने-आप में Section 206 के तहत अपराध सिद्ध नहीं करता।
Special Circumstances Involving Court Attendance or Documents
यदि समन, नोटिस या आदेश न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से या अभिकर्ता के माध्यम से उपस्थित होने अथवा न्यायालय में दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के लिए है, तो Section 206 में अधिकतम दंड की सीमा बढ़ जाती है।
Section 206, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023.
Punishment Under Section 206 BNS
General Case
सामान्य स्थिति में, समन, नोटिस या आदेश की तामील से बचने के लिए फरार होने पर अधिकतम एक महीने का साधारण कारावास, ₹5,000 तक का जुर्माना या दोनों दंड दिए जा सकते हैं।
Court Attendance or Production of Documents
यदि समन, नोटिस या आदेश न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से या अभिकर्ता के माध्यम से उपस्थिति अथवा दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड प्रस्तुत करने से संबंधित है, तो अधिकतम छह महीने का साधारण कारावास, ₹10,000 तक का जुर्माना या दोनों दंड दिए जा सकते हैं।
दोनों स्थितियों में कारावास साधारण (simple imprisonment) है। इस धारा में कठोर कारावास का प्रावधान नहीं किया गया है।
Section 206, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023.
Practical Examples
Example of Avoiding a Summons
मान लीजिए किसी सक्षम लोक सेवक ने किसी व्यक्ति को वैधानिक कार्यवाही के संबंध में समन जारी किया है। व्यक्ति को इसकी जानकारी मिलने के बाद वह जानबूझकर अपना ठिकाना बदलता है या स्वयं को छिपा लेता है ताकि समन की तामील न हो सके। यदि आवश्यक कानूनी तत्व सिद्ध होते हैं, तो यह आचरण Section 206 के अंतर्गत आ सकता है।
Avoiding Court Attendance
मान लीजिए किसी व्यक्ति को न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का समन जारी किया गया है और वह समन की तामील से बचने के लिए जानबूझकर फरार हो जाता है। ऐसी स्थिति में Section 206 के अधिक कठोर दंड वाला भाग लागू हो सकता है, बशर्ते अपराध के आवश्यक तत्व प्रमाणित हों।
Failure to Receive a Notice Without Intent to Evade
यदि कोई व्यक्ति वास्तविक कारण से अपने पते पर उपलब्ध नहीं था और उसने समन या नोटिस की तामील से बचने के लिए फरार होने का प्रयास नहीं किया, तो केवल सूचना प्राप्त न होने से इस धारा का अपराध स्वतः सिद्ध नहीं होता। व्यक्ति का आचरण, परिस्थितियाँ और फरार होने का उद्देश्य महत्वपूर्ण होंगे।
Section 206, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023.
Nature of Offence Under BNSS
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023) की First Schedule में Section 206 BNS के अपराध को निम्न प्रकार वर्गीकृत किया गया है:
Cognizable or Non-Cognizable: गैर-संज्ञेय (Non-cognizable)।
Bailable or Non-Bailable: जमानतीय (Bailable)।
Court: किसी भी Magistrate द्वारा विचारणीय।
इस वर्गीकरण के अनुसार, Section 206 का अपराध गैर-संज्ञेय और जमानतीय है। गैर-संज्ञेय अपराध में पुलिस को सामान्यतः बिना वारंट गिरफ्तारी करने का अधिकार नहीं होता, और जांच के लिए लागू कानून के अनुसार मजिस्ट्रेट की अनुमति आवश्यक हो सकती है।
First Schedule, Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023, entry relating to Section 206, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023.
Difference Between Section 206 and Section 207 BNS
Section 206 BNS का संबंध समन, नोटिस या आदेश की तामील से बचने के लिए फरार होने से है। इसके विपरीत, Section 207 BNS का संबंध समन या अन्य कार्यवाही की तामील को रोकने अथवा उसकी सूचना के प्रकाशन को रोकने से है।
इस प्रकार, Section 206 में मुख्य प्रश्न यह है कि क्या व्यक्ति तामील से बचने के उद्देश्य से फरार हुआ, जबकि Section 207 में मुख्य प्रश्न यह है कि क्या व्यक्ति ने समन या कार्यवाही की तामील अथवा प्रकाशन को रोकने के लिए बाधा उत्पन्न की।
Sections 206 and 207, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023.
Conclusion
Section 206 BNS कानूनी प्रक्रिया की प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए समन, नोटिस या आदेश की तामील से बचने के उद्देश्य से फरार होने को दंडनीय बनाती है। सामान्य मामलों में अधिकतम एक महीने का साधारण कारावास या ₹5,000 तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। न्यायालय में उपस्थिति अथवा दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड प्रस्तुत करने से संबंधित मामलों में अधिकतम छह महीने का साधारण कारावास या ₹10,000 तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
इस अपराध के लिए फरार होने का उद्देश्य, जारीकर्ता लोक सेवक की कानूनी क्षमता और संबंधित समन, नोटिस या आदेश की प्रकृति महत्वपूर्ण हैं। BNSS की First Schedule के अनुसार यह गैर-संज्ञेय और जमानतीय अपराध है।
Related Sections
Section 204 BNS: लोक सेवक का प्रतिरूपण करना।
Section 205 BNS: लोक सेवक द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली वर्दी या पहचान-चिह्न का धोखाधड़ीपूर्ण उपयोग।
Section 207 BNS: समन या अन्य कार्यवाही की तामील अथवा प्रकाशन को रोकना।
