सरकारी वर्दी पहनकर लोगों को धोखा देना पड़ेगा भारी! जानिए Section 205 BNS की सजा
Section 205 BNS के तहत सरकारी कर्मचारी जैसी वर्दी या पहचान-चिह्न धोखाधड़ी की मंशा से पहनने पर सजा, जुर्माना और अपराध की प्रकृति जानें।
Introduction
भारतीय न्याय संहिता, 2023 (Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023) की Section 205 ऐसे व्यक्ति के विरुद्ध दंड का प्रावधान करती है, जो किसी विशेष वर्ग के लोक सेवक (Public Servant) से संबंधित न होते हुए भी उस वर्ग की वर्दी पहनता है या ऐसा पहचान-चिह्न धारण करता है, जिससे लोगों को यह विश्वास हो सकता है कि वह उस वर्ग का सदस्य है। इस प्रावधान का उद्देश्य लोक सेवकों की पहचान का दुरुपयोग रोकना और ऐसी भ्रामक गतिविधियों पर नियंत्रण रखना है।
Bare Act Provision
Section 205, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 का मूल अंग्रेजी पाठ इस प्रकार है:
“205. Whoever, not belonging to a certain class of public servants, wears any garb or carries any token resembling any garb or token used by that class of public servants, with the intention that it may be believed, or with the knowledge that it is likely to be believed, that he belongs to that class of public servants, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to three months, or with fine which may extend to five thousand rupees, or with both.”
Meaning of Section 205 BNS
इस प्रावधान के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति किसी विशेष वर्ग के लोक सेवकों का सदस्य नहीं है, फिर भी वह उस वर्ग की वर्दी या उससे मिलते-जुलते पहचान-चिह्न का इस्तेमाल इस उद्देश्य से करता है कि दूसरे लोग उसे उस वर्ग का लोक सेवक समझें, तो वह Section 205 के अंतर्गत दंडनीय हो सकता है।
इस अपराध के लिए केवल वर्दी पहनना या कोई चिह्न धारण करना ही पर्याप्त नहीं है। अभियोजन को यह भी स्थापित करना होगा कि संबंधित व्यक्ति उस लोक सेवक वर्ग का सदस्य नहीं था और उसने वर्दी या पहचान-चिह्न का उपयोग इस आशय से किया था कि लोग उसे उस वर्ग का सदस्य समझें, अथवा उसे यह जानकारी थी कि ऐसा विश्वास किए जाने की संभावना है।
Section 205, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023.
Essential Ingredients of the Offence
The Person Must Not Belong to the Relevant Class
सबसे पहले यह आवश्यक है कि संबंधित व्यक्ति उस विशेष वर्ग के लोक सेवकों में शामिल न हो, जिसकी वर्दी या पहचान-चिह्न जैसा वह इस्तेमाल कर रहा है। यदि व्यक्ति वास्तव में उसी वर्ग का अधिकृत सदस्य है और वर्दी या चिह्न का वैध उपयोग करता है, तो केवल उस कारण से यह अपराध नहीं बनता।
Wearing a Garb or Carrying a Token
व्यक्ति को उस वर्ग के लोक सेवकों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली वर्दी जैसी वर्दी पहननी होगी या उससे मिलता-जुलता कोई पहचान-चिह्न धारण करना होगा। पहचान-चिह्न ऐसा होना चाहिए जो संबंधित वर्ग की पहचान से जुड़ा हो और उसके वास्तविक उपयोग से भ्रम पैदा कर सकता हो।
Intention or Knowledge of Likely Deception
अपराध का महत्वपूर्ण तत्व व्यक्ति की मंशा या जानकारी है। वर्दी या चिह्न का उपयोग इस इरादे से किया गया हो कि लोग उसे उस वर्ग का लोक सेवक समझें, अथवा उसे यह जानकारी हो कि ऐसा समझे जाने की संभावना है। इसलिए केवल किसी पोशाक का पहनना अपने-आप में इस अपराध को सिद्ध नहीं करता; परिस्थितियों और आवश्यक मानसिक तत्व का प्रमाण भी महत्वपूर्ण है।
Section 205, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023.
Punishment Under Section 205 BNS
Section 205 के अंतर्गत न्यायालय निम्नलिखित दंड दे सकता है:
Imprisonment: अधिकतम तीन महीने तक का कारावास। कानून में कारावास के दोनों प्रकार—साधारण या कठोर—की अनुमति देने वाला शब्द “either description” इस्तेमाल किया गया है।
Fine: अधिकतम ₹5,000 का जुर्माना।
Both: न्यायालय परिस्थितियों के अनुसार कारावास और जुर्माना दोनों लगा सकता है।
इस प्रावधान में कारावास की कोई न्यूनतम अवधि निर्धारित नहीं की गई है। कारावास की अधिकतम अवधि तीन महीने है और जुर्माने की अधिकतम राशि ₹5,000 है।
Section 205, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023.
Illustrations and Practical Examples
Example of Possible Offence
मान लीजिए कोई व्यक्ति पुलिस विभाग का कर्मचारी नहीं है, लेकिन पुलिसकर्मी जैसी वर्दी और पहचान-चिह्न इस उद्देश्य से धारण करता है कि आम लोग उसे पुलिसकर्मी समझें। यदि आवश्यक मंशा या जानकारी और अन्य कानूनी तत्व प्रमाणित होते हैं, तो उसके विरुद्ध Section 205 के तहत कार्रवाई हो सकती है।
Wearing a Similar Costume for a Different Purpose
यदि कोई व्यक्ति नाटक, फिल्म, मंचीय कार्यक्रम या किसी अन्य वैध गतिविधि के लिए पुलिस जैसी पोशाक पहनता है, तो केवल पोशाक की समानता के आधार पर अपराध स्वतः सिद्ध नहीं होता। यह देखा जाएगा कि क्या वह लोगों को अपने बारे में लोक सेवक होने का विश्वास दिलाना चाहता था या उसे ऐसी संभावना का ज्ञान था। मामले के वास्तविक तथ्य और उपलब्ध साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे।
Section 205, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023.
Nature of Offence Under BNSS
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023) की First Schedule में Section 205 BNS के अपराध को निम्न प्रकार वर्गीकृत किया गया है:
Cognizable: यह संज्ञेय अपराध है।
Bailable: यह जमानतीय अपराध है।
Court: इसका विचारण किसी भी Magistrate द्वारा किया जा सकता है।
इस वर्गीकरण के अनुसार, Section 205 का अपराध संज्ञेय और जमानतीय है। संज्ञेय होने का अर्थ है कि पुलिस को कानून के अनुसार बिना वारंट गिरफ्तारी करने की शक्ति प्राप्त हो सकती है; हालांकि गिरफ्तारी की आवश्यकता और वैधता संबंधित कानूनी प्रावधानों तथा परिस्थितियों के अधीन रहती है। जमानतीय होने का अर्थ है कि लागू कानूनी शर्तें पूरी होने पर आरोपी को जमानत का अधिकार प्राप्त होता है।
First Schedule, Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023, entry relating to Section 205, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023.
Difference Between Section 204 and Section 205 BNS
Section 204 BNS का संबंध लोक सेवक का प्रतिरूपण (personation of a public servant) करने से है। इसमें व्यक्ति स्वयं को किसी पद का लोक सेवक बताता है या उस पद पर कार्यरत किसी अन्य व्यक्ति का प्रतिरूपण करता है और उस कल्पित पहचान के आधार पर उस पद के अधिकार के अंतर्गत कोई कार्य करता है या करने का प्रयास करता है।
इसके विपरीत, Section 205 BNS का केंद्र वर्दी या पहचान-चिह्न का ऐसा उपयोग है, जिससे व्यक्ति को किसी विशेष वर्ग का लोक सेवक समझे जाने की संभावना हो। Section 205 के लिए यह आवश्यक नहीं कि व्यक्ति उस कल्पित पहचान के आधार पर कोई सरकारी कार्य भी करे; हालांकि वर्दी या चिह्न के उपयोग के साथ कानून में निर्धारित मंशा या जानकारी का होना आवश्यक है।
इस प्रकार, दोनों प्रावधानों का उद्देश्य लोक सेवकों की पहचान के दुरुपयोग को रोकना है, लेकिन उनके आवश्यक कानूनी तत्व अलग-अलग हैं।
Sections 204 and 205, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023.
Conclusion
Section 205 BNS का उद्देश्य ऐसी वर्दी या पहचान-चिह्न के भ्रामक उपयोग को दंडित करना है, जिसके कारण किसी व्यक्ति को लोक सेवक के विशेष वर्ग का सदस्य समझा जा सकता है। अपराध सिद्ध करने के लिए व्यक्ति का उस वर्ग का सदस्य न होना, संबंधित वर्दी या चिह्न का उपयोग और लोगों को भ्रमित करने की मंशा अथवा ऐसी संभावना का ज्ञान महत्वपूर्ण तत्व हैं।
इस अपराध के लिए अधिकतम तीन महीने का कारावास, ₹5,000 तक का जुर्माना या दोनों दंड दिए जा सकते हैं। BNSS की First Schedule के अनुसार यह संज्ञेय और जमानतीय अपराध है, जिसका विचारण किसी भी Magistrate द्वारा किया जा सकता है।
Related Sections
Section 204 BNS: लोक सेवक का प्रतिरूपण करना।
Section 203 BNS: लोक सेवक द्वारा कानून के विरुद्ध संपत्ति खरीदना या उसकी बोली लगाना।
Section 202 BNS: लोक सेवक द्वारा गैरकानूनी रूप से व्यापार में संलग्न होना।
