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Section 95 BNS 2023 किसी अपराध को करने के लिए बच्चे को किराए पर लेने, काम पर रखने या शामिल करने" (Hiring, employing or engaging a child to commit an offence)

 भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 95 "किसी अपराध को करने के लिए बच्चे को किराए पर लेने, काम पर रखने या शामिल करने" (Hiring, employing or engaging a child to commit an offence) के अत्यंत गंभीर अपराध और उसकी सजा से संबंधित है।

यह धारा बच्चों को आपराधिक गतिविधियों में धकेले जाने और उनके शोषण को रोकने के लिए एक बहुत ही सख्त और महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधान है।

धारा 95 के मुख्य कानूनी प्रावधान:

1. अपराध की प्रकृति: इस धारा के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति किसी बच्चे (child) को कोई भी अपराध करने के लिए किराए पर लेता है (hires), रोजगार या काम पर रखता है (employs), या किसी भी तरह से आपराधिक कृत्य में शामिल (engages) करता है, तो वह इस धारा के तहत प्रत्यक्ष रूप से अपराधी माना जाएगा।

2. महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण (यौन शोषण और पोर्नोग्राफी): कानून में किसी भी प्रकार के संदेह को दूर करने के लिए एक विशेष स्पष्टीकरण (Explanation) जोड़ा गया है। इसके अनुसार, यदि किसी बच्चे को यौन शोषण (sexual exploitation) या पोर्नोग्राफी (pornography) के लिए काम पर रखा जाता है, संलिप्त किया जाता है या उसका उपयोग किया जाता है, तो वह कृत्य भी पूरी तरह से इसी धारा (धारा 95) के दायरे में आएगा और दंडनीय होगा।

3. सजा का प्रावधान (दोहरे स्तर की सजा): इस घृणित अपराध के लिए कानून में बहुत ही कठोर और विशेष प्रकार की सजा निर्धारित की गई है:

  • न्यूनतम और अधिकतम सजा: बच्चे को अपराध के लिए उकसाने या काम पर रखने वाले दोषी व्यक्ति को कम से कम 3 वर्ष के कारावास की सजा अनिवार्य रूप से दी जाएगी। अपराध की गंभीरता को देखते हुए इस सजा को अधिकतम 10 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। यह कारावास साधारण या कठोर किसी भी प्रकार का हो सकता है। इसके साथ ही अपराधी पर जुर्माना (fine) भी लगाया जाएगा।
  • अपराध घटित होने पर अतिरिक्त सजा: इस कानून का सबसे सख्त पहलू यह है कि यदि वह बच्चा वास्तव में वह अपराध कर देता है (जिसके लिए उसे काम पर रखा गया था), तो उस व्यक्ति को (जिसने बच्चे को शामिल किया था) उस विशिष्ट अपराध के लिए निर्धारित सजा भी भुगतनी होगी। अदालत उस व्यक्ति को यह मानकर दंडित करेगी जैसे कि वह अपराध स्वयं उसी व्यक्ति ने किया हो (as if the offence has been committed by such person himself)।

संक्षेप में, यह धारा अपराधियों को बच्चों का ढाल के रूप में इस्तेमाल करने से रोकती है और स्पष्ट करती है कि बच्चों से अपराध करवाने वाला व्यक्ति न केवल 'बच्चे का इस्तेमाल करने' के लिए बल्कि 'उस मूल अपराध' के लिए भी पूर्ण रूप से जिम्मेदार होगा।

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