भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 94 बच्चे के "जन्म को छिपाने के उद्देश्य से उसके शव को गुप्त रूप से दफनाने या ठिकाने लगाने" (Concealment of birth by secret disposal of dead body) के अपराध और उसकी सजा का प्रावधान करती है।
यह धारा हमारी पिछली चर्चाओं (विशेषकर धारा 88 से 93) की श्रृंखला का ही एक और महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो नवजात शिशुओं और अजन्मे बच्चों से जुड़े अपराधों पर केंद्रित है।
धारा 94 के मुख्य कानूनी प्रावधान:
1. अपराध की प्रकृति और परिस्थितियां: दिए गए स्रोतों (the sources) के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति किसी बच्चे के शव (dead body) को गुप्त रूप से दफनाकर (secretly burying) या किसी भी अन्य तरीके से ठिकाने लगाकर उस बच्चे के जन्म को जानबूझकर छिपाता है (intentionally conceals) या छिपाने का प्रयास करता है, तो वह इस धारा के तहत अपराधी माना जाएगा।
2. बच्चे की मृत्यु का समय (महत्वपूर्ण बिंदु): कानून इस बात को पूरी तरह स्पष्ट करता है कि इस अपराध के तहत दोष तय करने के लिए यह मायने नहीं रखता कि बच्चे की मृत्यु कब हुई। यह धारा हर स्थिति में लागू होगी, चाहे:
- बच्चे की मृत्यु जन्म लेने से पहले (before its birth) हो गई हो।
- मृत्यु जन्म लेने के दौरान (during its birth) हुई हो।
- या मृत्यु जन्म के बाद (after its birth) हुई हो।
इस धारा के तहत मुख्य आधार यह है कि अपराधी का सीधा इरादा उस बच्चे के 'जन्म' की घटना को समाज या प्रशासन से गुप्त रखना होना चाहिए।
3. सजा का प्रावधान: इस निंदनीय कृत्य के लिए दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के लिए कानून में निम्नलिखित सजा निर्धारित की गई है:
- कारावास: दोषी व्यक्ति को अधिकतम 2 वर्ष तक के कारावास की सजा दी जा सकती है। अदालत द्वारा दिया जाने वाला यह कारावास मामले की परिस्थितियों के आधार पर साधारण या कठोर (imprisonment of either description) किसी भी प्रकार का हो सकता है।
- जुर्माना या दोनों: अपराधी पर केवल जुर्माना (fine) भी लगाया जा सकता है, या अपराध की गंभीरता को देखते हुए उसे कारावास और जुर्माना दोनों सजाओं से एक साथ दंडित किया जा सकता है।
इस प्रावधान का उद्देश्य और महत्व (विस्तृत व्याख्या): यह कानूनी प्रावधान मुख्य रूप से अवैध गर्भपात (illegal abortions), नवजात शिशु की हत्या (infanticide) और विशेष रूप से कन्या भ्रूण हत्या जैसे जघन्य अपराधों पर रोक लगाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। अक्सर ऐसे अपराधों को अंजाम देने के बाद, सबूत मिटाने और पुलिस या समाज की नज़रों से बचने के लिए लोग नवजात बच्चों के शवों को गुपचुप तरीके से दफना देते हैं या लावारिस फेंक देते हैं।
धारा 94 यह सुनिश्चित करती है कि भले ही हत्या या भ्रूण हत्या का सीधा सबूत तुरंत न मिले, लेकिन केवल 'जन्म छिपाने के लिए शव को गुप्त रूप से ठिकाने लगाना' ही अपने आप में एक दंडनीय अपराध है, ताकि ऐसे मामलों की जांच हो सके और अपराधियों को कानून के दायरे में लाया जा सके।
