Type Here to Get Search Results !

Section 91 BNS 2023 : बच्चे को जीवित पैदा होने से रोकने या जन्म के बाद उसकी मृत्यु कारित करने के इरादे से किए गए कृत्य

 भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 91 "बच्चे को जीवित पैदा होने से रोकने या जन्म के बाद उसकी मृत्यु कारित करने के इरादे से किए गए कृत्य" (Act done with intent to prevent child being born alive or to cause to die after birth) के अत्यंत गंभीर अपराध और उसकी सजा का प्रावधान करती है।

यह धारा हमारी पिछली चर्चाओं (जैसे धारा 88 से 90, जो गर्भपात और भ्रूण से संबंधित थीं) की ही तरह अजन्मे या नवजात बच्चों के जीवन की रक्षा के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण कानून है।

धारा 91 के मुख्य कानूनी प्रावधान:

1. अपराध की प्रकृति: इस धारा के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति किसी बच्चे के जन्म लेने से पहले (before the birth) कोई भी ऐसा कार्य करता है जिसका स्पष्ट इरादा (intention) निम्नलिखित में से कोई एक हो:

  • उस बच्चे को जीवित पैदा होने से रोकना (preventing that child from being born alive)।
  • या, यह सुनिश्चित करना कि जन्म के बाद उस बच्चे की मृत्यु हो जाए (causing it to die after its birth)।

और यदि उस व्यक्ति के इस कृत्य के परिणामस्वरूप वास्तव में वह बच्चा जीवित पैदा होने से रुक जाता है (यानी मृत पैदा होता है) या जन्म लेने के बाद उसकी मृत्यु हो जाती है, तो वह व्यक्ति इस धारा के तहत अपराधी माना जाएगा।

2. अपवाद (Exception - किन परिस्थितियों में यह अपराध नहीं है): कानून में चिकित्सकीय आपात स्थितियों को ध्यान में रखते हुए एक बहुत ही महत्वपूर्ण छूट दी गई है। यदि यह कृत्य सद्भावना (good faith) में किया गया हो और इसका एकमात्र उद्देश्य गर्भवती माँ की जान बचाना (saving the life of the mother) हो, तो इसे इस धारा के तहत अपराध नहीं माना जाएगा। यह अपवाद मुख्य रूप से उन आपातकालीन परिस्थितियों के लिए है जहाँ जटिलताओं के कारण माँ या बच्चे में से किसी एक का ही जीवन बचाया जा सकता हो।

3. सजा का प्रावधान: इस प्रकार के अमानवीय कृत्य (भ्रूण हत्या या नवजात की हत्या के प्रयास) के दोषी व्यक्ति के लिए कानून में सख्त सजा निर्धारित की गई है:

  • कारावास: अदालत दोषी व्यक्ति को अधिकतम 10 वर्ष तक के कारावास की सजा दे सकती है।
  • कारावास की प्रकृति: यह कारावास मामले की परिस्थितियों के आधार पर साधारण या कठोर (imprisonment of either description) किसी भी प्रकार का हो सकता है।
  • जुर्माना या दोनों: अपराधी पर केवल जुर्माना (fine) भी लगाया जा सकता है, या अपराध की गंभीरता को देखते हुए उसे कारावास और जुर्माना दोनों सजाओं से एक साथ दंडित किया जा सकता है।

संक्षेप में, यह धारा भ्रूण हत्या (foeticide) और नवजात शिशु की हत्या (infanticide) के प्रयासों को सख्ती से रोकती है और यह सुनिश्चित करती है कि जन्म लेने वाले हर बच्चे के जीवन का अधिकार सुरक्षित रहे, जब तक कि माँ की जान बचाने की कोई घोर मजबूरी न हो।

Tags

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad

Ads Area