भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 84 "आपराधिक इरादे से किसी विवाहित महिला को फुसलाकर ले जाने या बंधक बनाने" (Enticing or taking away or detaining with criminal intent a married woman) के अपराध और उसकी सजा का प्रावधान करती है। यह धारा विवाह से संबंधित अपराधों (Offences relating to marriage) की श्रेणी में आती है।
धारा 84 के मुख्य कानूनी प्रावधान:
अपराध की परिस्थितियां: इस धारा के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति निम्नलिखित कृत्य करता है, तो उसे इस अपराध का दोषी माना जाएगा:
- फुसलाकर ले जाना: किसी ऐसी महिला को अपने साथ ले जाना (takes) या फुसलाकर ले जाना (entices away), जिसके बारे में उसे पता हो या विश्वास करने का उचित कारण हो कि वह किसी अन्य पुरुष की पत्नी है।
- अवैध संबंध का इरादा: यह कृत्य इस स्पष्ट इरादे (intent) से किया गया हो कि उस महिला के साथ किसी भी व्यक्ति द्वारा अवैध यौन संबंध (illicit intercourse) बनाए जा सकें।
- छिपाना या बंधक बनाना: इसी आपराधिक इरादे से (यानी अवैध संबंध बनाने के उद्देश्य से) उस विवाहित महिला को कहीं छिपाना (conceals) या जबरन रोक कर / बंधक बनाकर (detains) रखना भी इस धारा के तहत अपराध माना गया है।
सजा का प्रावधान: इस अपराध के लिए दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के लिए कानून में निम्नलिखित सजा निर्धारित की गई है:
- कारावास: दोषी व्यक्ति को अधिकतम 2 वर्ष तक के कारावास की सजा दी जा सकती है। अदालत द्वारा दिया जाने वाला यह कारावास मामले की परिस्थितियों के आधार पर साधारण या कठोर (imprisonment of either description) किसी भी प्रकार का हो सकता है।
- जुर्माना या दोनों: अपराधी पर केवल जुर्माना (fine) लगाया जा सकता है, या उसे कारावास और जुर्माना दोनों सजाओं से एक साथ दंडित किया जा सकता है।
सरल शब्दों में, यह कानूनी प्रावधान किसी दूसरे पुरुष की पत्नी को अवैध शारीरिक संबंध स्थापित करने के दुर्भावनापूर्ण इरादे से भगा ले जाने, फुसलाने, या उसे कहीं छिपाकर रखने वाले अपराधियों को दंडित करने के लिए लागू किया जाता है।
