भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 99 "वेश्यावृत्ति (prostitution) या अन्य अनैतिक उद्देश्यों के लिए बच्चे को खरीदने" (Buying child for purposes of prostitution, etc.) के गंभीर अपराध और उसके लिए सजा का प्रावधान करती है।
यह धारा हमारी पिछली चर्चा (धारा 98 - बच्चे को बेचने) का ही दूसरा पहलू है। जहाँ धारा 98 बेचने वाले को दंडित करती है, वहीं धारा 99 ऐसे मासूम बच्चों को खरीदने वालों पर कानूनी प्रहार करती है।
धारा 99 के मुख्य कानूनी प्रावधान:
1. अपराध की प्रकृति और परिस्थितियां: इस धारा के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति निम्नलिखित कृत्य करता है, तो उसे इस अपराध का दोषी माना जाएगा:
- किसी बच्चे को खरीदता है (buys), किराए पर लेता है (hires) या किसी भी अन्य तरीके से उस पर अपना कब्जा प्राप्त करता है (obtains possession)।
- आपराधिक इरादा: यह कार्य इस स्पष्ट इरादे (intent) से किया गया हो कि उस बच्चे का इस्तेमाल (चाहे वह किसी भी उम्र में हो) वेश्यावृत्ति (prostitution), किसी भी व्यक्ति के साथ अवैध यौन संबंध (illicit intercourse), या किसी भी गैरकानूनी और अनैतिक उद्देश्य (unlawful and immoral purpose) के लिए किया जाएगा।
- यदि व्यक्ति का इरादा स्पष्ट न भी हो, लेकिन उसे यह जानकारी या संभावना (knowledge) हो कि बच्चे का इस्तेमाल ऐसे अनैतिक और गैरकानूनी कार्यों के लिए किया जा सकता है, तब भी वह इस धारा के तहत समान रूप से अपराधी माना जाएगा।
2. सजा का प्रावधान: चूंकि यह बच्चों के शारीरिक और मानसिक शोषण से जुड़ा एक जघन्य अपराध है, इसलिए कानून में इसके लिए बहुत ही कठोर सजा निर्धारित की गई है:
- इस अपराध के दोषी व्यक्ति को कम से कम 7 वर्ष के कारावास की सजा अनिवार्य रूप से दी जाएगी, जिसे अपराध की गंभीरता के आधार पर अधिकतम 14 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है।
- यह कारावास साधारण या कठोर (imprisonment of either description) किसी भी प्रकार का हो सकता है।
- कारावास के साथ-साथ, ऐसे अपराधी पर अनिवार्य रूप से जुर्माना (fine) भी लगाया जाएगा।
महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण (Explanations): इस धारा को अधिक प्रभावी बनाने के लिए इसमें दो महत्वपूर्ण बातें स्पष्ट की गई हैं:
- स्पष्टीकरण 1 (कानूनी धारणा): यदि कोई वेश्या (prostitute) या वेश्यालय (brothel) चलाने या प्रबंधित करने वाला व्यक्ति 18 वर्ष से कम आयु की किसी लड़की (female under the age of eighteen years) को खरीदता है, किराए पर लेता है या उस पर कब्जा प्राप्त करता है, तो कानून अदालत में यह मानकर चलेगा (presumed) कि उसने उस लड़की को वेश्यावृत्ति के इरादे से ही प्राप्त किया है। अपराधी को खुद यह साबित करना होगा कि उसका इरादा ऐसा नहीं था (until the contrary is proved)।
- स्पष्टीकरण 2 ('अवैध यौन संबंध'): इस धारा के तहत "अवैध यौन संबंध" (illicit intercourse) का बिल्कुल वही अर्थ माना जाएगा, जो धारा 98 के अंतर्गत दिया गया है (यानी बिना कानूनी विवाह या बिना किसी मान्यता प्राप्त 'विवाह-समान' रिश्ते के बनाए गए यौन संबंध)।
संक्षेप में, यह कानूनी प्रावधान मानव तस्करी (Human Trafficking) और देह व्यापार के माफियाओं पर लगाम कसने के लिए है और स्पष्ट करता है कि बच्चों को ऐसे घिनौने दलदल में धकेलने के लिए उन्हें खरीदने वाला व्यक्ति भी 14 साल तक की कठोर सजा का हकदार होगा।
