सरकारी समन के बावजूद उपस्थित नहीं हुए? Section 208 BNS के तहत जानिए सजा और कानूनी प्रावधान
Section 208 BNS, 2023 in Hindi: समन पर उपस्थित न होने की सजा
Introduction
भारतीय न्याय संहिता, 2023 (Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023) की Section 208 ऐसे व्यक्ति के लिए दंड का प्रावधान करती है, जो कानूनन किसी निश्चित स्थान और समय पर उपस्थित होने के लिए बाध्य है, लेकिन किसी सक्षम लोक सेवक द्वारा जारी समन, नोटिस, आदेश या उद्घोषणा के पालन में जानबूझकर उपस्थित नहीं होता अथवा उस स्थान से निर्धारित समय से पहले चला जाता है, जहां उसे उपस्थित रहना आवश्यक है।
इस प्रावधान का उद्देश्य वैधानिक आदेशों का पालन सुनिश्चित करना और सरकारी तथा न्यायिक कार्यवाही में जानबूझकर अनुपस्थित रहने वाले व्यक्तियों को दंडित करना है। धारा में सामान्य अनुपस्थिति और न्यायालय में उपस्थित होने के आदेश की अवहेलना के लिए अलग-अलग दंड निर्धारित हैं।
Bare Act Provision
Section 208, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 का मूल अंग्रेजी पाठ इस प्रकार है:
“208. Whoever, being legally bound to attend in person or by an agent at a certain place and time in obedience to a summons, notice, order, or proclamation proceeding from any public servant legally competent, as such public servant, to issue the same, intentionally omits to attend at that place or time or departs from the place where he is bound to attend before the time at which it is lawful for him to depart,––
(a) shall be punished with simple imprisonment for a term which may extend to one month, or with fine which may extend to five thousand rupees, or with both;
(b) where the summons, notice, order or proclamation is to attend in person or by agent in a Court with simple imprisonment for a term which may extend to six months, or with fine which may extend to ten thousand rupees, or with both.
Illustrations.
(a) A, being legally bound to appear before a High Court, in obedience to a subpoena issuing from that Court, intentionally omits to appear. A has committed the offence defined in this section.
(b) A, being legally bound to appear before a District Judge, as a witness, in obedience to a summons issued by that District Judge intentionally omits to appear. A has committed the offence defined in this section.”
Meaning of Section 208 BNS
Section 208 का अर्थ है कि यदि कोई व्यक्ति कानून के अनुसार किसी निश्चित स्थान और समय पर उपस्थित होने के लिए बाध्य है, तो वह सक्षम लोक सेवक द्वारा जारी वैधानिक समन, नोटिस, आदेश या उद्घोषणा की अवहेलना करते हुए जानबूझकर अनुपस्थित नहीं रह सकता।
इस धारा के अंतर्गत दो प्रकार के आचरण दंडनीय हैं। पहला, निर्धारित स्थान और समय पर जानबूझकर उपस्थित न होना। दूसरा, उस स्थान से उस समय से पहले चले जाना, जब तक वहां से जाना कानूनन अनुमत न हो।
इस अपराध का महत्वपूर्ण तत्व यह है कि व्यक्ति पर संबंधित स्थान और समय पर उपस्थित होने का कानूनी दायित्व होना चाहिए तथा उसकी अनुपस्थिति या समय से पहले चले जाने का आचरण जानबूझकर होना चाहिए। केवल अनुपस्थिति हो जाने से अपराध स्वतः सिद्ध नहीं होता; कानूनी दायित्व और जानबूझकर की गई अवहेलना स्थापित करना आवश्यक है।
Section 208, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023.
Essential Ingredients of the Offence
Legal Obligation to Attend
व्यक्ति पर किसी निश्चित स्थान और समय पर व्यक्तिगत रूप से या अभिकर्ता के माध्यम से उपस्थित होने का कानूनी दायित्व होना चाहिए। यह दायित्व किसी सक्षम लोक सेवक द्वारा जारी समन, नोटिस, आदेश या उद्घोषणा से उत्पन्न होना चाहिए।
Order Issued by a Competent Public Servant
संबंधित समन, नोटिस, आदेश या उद्घोषणा ऐसे लोक सेवक द्वारा जारी की गई हो, जिसे कानून के अंतर्गत उसे जारी करने की क्षमता प्राप्त हो। यह तत्व महत्वपूर्ण है, क्योंकि Section 208 वैधानिक अधिकार के अंतर्गत जारी प्रक्रिया के पालन से संबंधित है।
Intentional Non-Attendance
व्यक्ति निर्धारित स्थान और समय पर जानबूझकर उपस्थित नहीं होता। यदि अनुपस्थिति अनजाने में हुई हो या व्यक्ति के पास अनुपस्थित रहने का ऐसा कारण हो जो मामले के तथ्यों के अनुसार प्रासंगिक हो, तो उसके आचरण का मूल्यांकन अलग तरीके से किया जाएगा।
Leaving Before the Permitted Time
यदि व्यक्ति किसी स्थान पर उपस्थित रहने के लिए बाध्य है, तो वह कानूनन जाने की अनुमति मिलने से पहले उस स्थान को नहीं छोड़ सकता। निर्धारित समय से पहले जानबूझकर चले जाना भी इस धारा के अंतर्गत अपराध बन सकता है।
Section 208, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023.
Punishment Under Section 208 BNS
General Cases
यदि कोई व्यक्ति किसी सक्षम लोक सेवक द्वारा जारी समन, नोटिस, आदेश या उद्घोषणा के पालन में निर्धारित स्थान और समय पर जानबूझकर उपस्थित नहीं होता अथवा समय से पहले चला जाता है, तो उसे अधिकतम एक महीने का साधारण कारावास, ₹5,000 तक का जुर्माना या दोनों दंड दिए जा सकते हैं।
Non-Attendance in Court
यदि समन, नोटिस, आदेश या उद्घोषणा का उद्देश्य किसी व्यक्ति को न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से या अभिकर्ता के माध्यम से उपस्थित होने के लिए बाध्य करना है, तो अधिकतम छह महीने का साधारण कारावास, ₹10,000 तक का जुर्माना या दोनों दंड दिए जा सकते हैं।
इस प्रकार, न्यायालय में उपस्थिति से संबंधित मामलों में सामान्य मामलों की तुलना में अधिक कठोर दंड निर्धारित है। इस धारा में कारावास साधारण है और कोई न्यूनतम अवधि निर्धारित नहीं की गई है।
Section 208, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023.
Illustrations and Practical Examples
Failure to Appear Before the High Court
Section 208 के वैधानिक उदाहरण के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति High Court द्वारा जारी समन के पालन में उपस्थित होने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है, लेकिन जानबूझकर उपस्थित नहीं होता, तो वह इस धारा के अंतर्गत अपराध करता है।
Failure to Appear as a Witness
यदि किसी व्यक्ति को District Judge द्वारा गवाह के रूप में उपस्थित होने के लिए समन जारी किया गया है और वह कानूनी दायित्व के बावजूद जानबूझकर उपस्थित नहीं होता, तो यह Section 208 के अंतर्गत दंडनीय हो सकता है।
Leaving Before the Permitted Time
यदि किसी व्यक्ति को किसी वैधानिक कार्यवाही के लिए एक निश्चित समय तक किसी स्थान पर उपस्थित रहना आवश्यक है और वह कानूनन जाने की अनुमति मिलने से पहले जानबूझकर वहां से चला जाता है, तो परिस्थितियों के अनुसार Section 208 लागू हो सकती है।
Section 208, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023.
Nature of Offence Under BNSS
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023) की First Schedule के अनुसार Section 208 BNS के अंतर्गत अपराध का वर्गीकरण इस प्रकार है:
Cognizable or Non-Cognizable: गैर-संज्ञेय (Non-cognizable)।
Bailable or Non-Bailable: जमानतीय (Bailable)।
Court: किसी भी Magistrate द्वारा विचारणीय।
गैर-संज्ञेय अपराध में पुलिस को सामान्यतः बिना वारंट गिरफ्तारी करने का अधिकार नहीं होता और जांच के लिए लागू कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाता है। जमानतीय अपराध में कानून द्वारा निर्धारित शर्तें पूरी होने पर आरोपी को जमानत का अधिकार प्राप्त होता है।
First Schedule, Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023, entry relating to Section 208, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023.
Difference Between Section 206, Section 207 and Section 208 BNS
Section 206 BNS का संबंध समन, नोटिस या आदेश की तामील से बचने के उद्देश्य से फरार होने से है। Section 207 BNS का संबंध समन या अन्य वैधानिक कार्यवाही की तामील रोकने, वैध रूप से चिपकाए गए दस्तावेज को हटाने अथवा वैधानिक उद्घोषणा को रोकने से है।
इसके विपरीत, Section 208 BNS उस व्यक्ति की जानबूझकर अनुपस्थिति या समय से पहले चले जाने से संबंधित है, जिस पर किसी निश्चित स्थान और समय पर उपस्थित होने का कानूनी दायित्व है।
इसलिए इन धाराओं के बीच मुख्य अंतर संबंधित व्यक्ति के आचरण में है: Section 206 में तामील से बचने के लिए फरार होना, Section 207 में तामील या उद्घोषणा की प्रक्रिया में बाधा डालना, और Section 208 में वैधानिक दायित्व के बावजूद उपस्थित न होना या समय से पहले चले जाना।
Sections 206, 207 and 208, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023.
Conclusion
Section 208 BNS के तहत किसी सक्षम लोक सेवक द्वारा जारी वैधानिक समन, नोटिस, आदेश या उद्घोषणा के पालन में जानबूझकर अनुपस्थित रहना अथवा कानूनन अनुमति मिलने से पहले संबंधित स्थान छोड़ना दंडनीय है।
सामान्य मामलों में अधिकतम एक महीने का साधारण कारावास या ₹5,000 तक का जुर्माना या दोनों दंड दिए जा सकते हैं। न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से या अभिकर्ता के माध्यम से उपस्थित होने के आदेश की अवहेलना पर अधिकतम छह महीने का साधारण कारावास या ₹10,000 तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। BNSS की First Schedule के अनुसार यह गैर-संज्ञेय और जमानतीय अपराध है।
Related Sections
Section 206 BNS: समन या अन्य कार्यवाही की तामील से बचने के लिए फरार होना।
Section 207 BNS: समन या अन्य वैधानिक कार्यवाही की तामील अथवा उद्घोषणा को रोकना।
Section 209 BNS: BNSS की Section 84 के अंतर्गत प्रकाशित उद्घोषणा के बावजूद उपस्थित न होना।
