समन की तामील रोकना पड़ेगा भारी! जानिए Section 207 BNS के तहत सजा और कानूनी प्रावधान
Section 207 BNS, 2023 in Hindi: समन की तामील रोकने पर सजा
Introduction
भारतीय न्याय संहिता, 2023 (Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023) की Section 207 ऐसे आचरण को दंडनीय बनाती है, जिसमें कोई व्यक्ति जानबूझकर समन या अन्य कानूनी कार्यवाही की तामील रोकता है अथवा ऐसी कार्यवाही की सूचना के प्रकाशन को रोकने का प्रयास करता है। यह प्रावधान कानूनी प्रक्रिया की प्रभावशीलता बनाए रखने और संबंधित व्यक्तियों तक वैधानिक सूचना पहुँचने में बाधा डालने वाले आचरण को रोकने के उद्देश्य से बनाया गया है।
इस धारा में सामान्य मामलों और न्यायालय में उपस्थिति अथवा दस्तावेज प्रस्तुत करने से संबंधित मामलों के लिए अलग-अलग दंड निर्धारित हैं।
Bare Act Provision
Section 207, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 का मूल अंग्रेजी पाठ इस प्रकार है:
“207. Whoever, knowingly prevents the service on himself, or on any other person, of any summons, notice or order proceeding from any public servant legally competent, as such public servant, to issue such summons, notice or order, or knowingly prevents the lawful affixing to any place of any such summons, notice or order, or knowingly removes any such summons, notice or order from any place to which it is lawfully affixed, or knowingly prevents the lawful making of any proclamation, under the authority of any public servant legally competent, as such public servant, to direct such proclamation to be made, shall be punished with simple imprisonment for a term which may extend to one month, or with fine which may extend to five thousand rupees, or with both; or if the summons, notice, order or proclamation is to attend in person or by agent, or to produce a document or an electronic record in a Court of Justice, with simple imprisonment for a term which may extend to six months, or with fine which may extend to ten thousand rupees, or with both.”
Meaning of Section 207 BNS
Section 207 का मुख्य उद्देश्य समन, नोटिस, आदेश या वैधानिक उद्घोषणा (proclamation) की प्रक्रिया में जानबूझकर बाधा डालने को रोकना है। यह धारा केवल स्वयं को समन की तामील से बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति पर समन की तामील रोकने, वैध रूप से चिपकाए गए समन या आदेश को हटाने तथा कानूनी रूप से की जाने वाली उद्घोषणा को रोकने जैसे आचरण को भी अपने दायरे में शामिल करती है।
इस प्रावधान के लिए यह महत्वपूर्ण है कि संबंधित कार्य जानबूझकर किया गया हो और समन, नोटिस या आदेश जारी करने वाला लोक सेवक कानून के अंतर्गत ऐसा करने के लिए सक्षम हो। इसी प्रकार, जिस समन या आदेश को किसी स्थान पर चिपकाया गया हो, उसका चिपकाया जाना वैध होना चाहिए।
Section 207, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023.
Essential Ingredients of the Offence
Preventing Service of Summons, Notice or Order
यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर स्वयं पर या किसी अन्य व्यक्ति पर समन, नोटिस या आदेश की तामील रोकता है, तो यह Section 207 के अंतर्गत आ सकता है। यहां तामील रोकने का आचरण जानबूझकर होना आवश्यक है।
Preventing Lawful Affixing
यदि किसी सक्षम लोक सेवक द्वारा जारी समन, नोटिस या आदेश को कानून के अनुसार किसी स्थान पर चिपकाया जाना है और कोई व्यक्ति जानबूझकर उस प्रक्रिया को रोकता है, तो यह भी इस धारा के दायरे में आता है।
Removing a Lawfully Affixed Summons or Order
यदि समन, नोटिस या आदेश को किसी स्थान पर वैध रूप से चिपकाया गया है और कोई व्यक्ति उसे जानबूझकर वहां से हटा देता है, तो Section 207 लागू हो सकती है। इस तत्व के लिए यह आवश्यक है कि दस्तावेज का चिपकाया जाना वैध हो और उसे हटाने का कार्य जानबूझकर किया गया हो।
Preventing a Lawful Proclamation
यदि कानून के अंतर्गत सक्षम लोक सेवक के अधिकार से कोई उद्घोषणा की जानी है और कोई व्यक्ति जानबूझकर उसकी वैध प्रक्रिया को रोकता है, तो यह आचरण भी Section 207 में शामिल है।
Section 207, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023.
Punishment Under Section 207 BNS
General Cases
सामान्य स्थिति में Section 207 के तहत अधिकतम एक महीने का साधारण कारावास, ₹5,000 तक का जुर्माना या दोनों दंड दिए जा सकते हैं।
Court Attendance or Production of Documents
यदि संबंधित समन, नोटिस, आदेश या उद्घोषणा न्यायालय में व्यक्ति को स्वयं या अपने अभिकर्ता के माध्यम से उपस्थित होने अथवा दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड प्रस्तुत करने से संबंधित है, तो अधिकतम छह महीने का साधारण कारावास, ₹10,000 तक का जुर्माना या दोनों दंड दिए जा सकते हैं।
इस प्रकार, धारा के अंतर्गत दंड इस बात पर निर्भर करता है कि मामला सामान्य वैधानिक प्रक्रिया से संबंधित है या न्यायालय में उपस्थिति अथवा दस्तावेज प्रस्तुत करने जैसी विशेष आवश्यकता से।
Section 207, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023.
Practical Examples
Preventing Service on Another Person
मान लीजिए किसी सक्षम लोक सेवक ने एक व्यक्ति को समन जारी किया है। कोई दूसरा व्यक्ति जानबूझकर समन की तामील में बाधा डालता है ताकि वह समन संबंधित व्यक्ति तक न पहुँच सके। यदि कानूनी तत्व सिद्ध होते हैं, तो यह Section 207 के अंतर्गत आ सकता है।
Removing a Summons from a Notice Board
मान लीजिए किसी समन या आदेश को कानून के अनुसार निर्धारित स्थान पर चिपकाया गया है। कोई व्यक्ति जानबूझकर उसे वहां से हटा देता है ताकि संबंधित व्यक्ति को सूचना न मिल सके। ऐसी स्थिति में Section 207 लागू हो सकती है।
Preventing a Lawful Proclamation
यदि किसी सक्षम लोक सेवक के अधिकार के अंतर्गत कानूनन उद्घोषणा की जानी है और कोई व्यक्ति जानबूझकर उसके किए जाने में बाधा डालता है, तो उसका आचरण भी इस धारा के तहत दंडनीय हो सकता है।
इन उदाहरणों में अपराध का निर्धारण वास्तविक तथ्यों, संबंधित प्रक्रिया की वैधता और जानबूझकर बाधा डालने के प्रमाण पर निर्भर करेगा।
Section 207, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023.
Nature of Offence Under BNSS
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023) की First Schedule के अनुसार Section 207 BNS के अंतर्गत अपराध का वर्गीकरण इस प्रकार है:
Cognizable or Non-Cognizable: गैर-संज्ञेय (Non-cognizable)।
Bailable or Non-Bailable: जमानतीय (Bailable)।
Court: किसी भी Magistrate द्वारा विचारणीय।
गैर-संज्ञेय अपराध में पुलिस को सामान्यतः बिना वारंट गिरफ्तारी करने का अधिकार नहीं होता और जांच के लिए लागू कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होता है। जमानतीय अपराध में लागू कानूनी शर्तें पूरी होने पर आरोपी को जमानत का अधिकार प्राप्त होता है।
First Schedule, Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023, entry relating to Section 207, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023.
Difference Between Section 206 and Section 207 BNS
Section 206 BNS का संबंध समन, नोटिस या आदेश की तामील से बचने के लिए स्वयं फरार होने से है। दूसरी ओर, Section 207 BNS का संबंध समन की तामील रोकने, वैध रूप से चिपकाए गए समन या आदेश को हटाने अथवा कानूनी उद्घोषणा को रोकने से है।
अर्थात, Section 206 में व्यक्ति का तामील से बचने के उद्देश्य से फरार होना मुख्य तत्व है, जबकि Section 207 में कानूनी प्रक्रिया में जानबूझकर बाधा डालना मुख्य तत्व है।
दोनों धाराएं अलग-अलग प्रकार के आचरण को दंडित करती हैं, भले ही उनका व्यापक उद्देश्य कानूनी प्रक्रिया को प्रभावी बनाए रखना हो।
Sections 206 and 207, Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023.
Conclusion
Section 207 BNS समन, नोटिस, आदेश या वैधानिक उद्घोषणा की प्रक्रिया में जानबूझकर बाधा डालने को दंडनीय बनाती है। इसमें स्वयं या किसी अन्य व्यक्ति पर तामील रोकना, वैध रूप से चिपकाए गए दस्तावेज को हटाना और वैध उद्घोषणा की प्रक्रिया को रोकना शामिल है।
सामान्य मामलों में अधिकतम एक महीने का साधारण कारावास या ₹5,000 तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। न्यायालय में उपस्थिति अथवा दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड प्रस्तुत करने से संबंधित मामलों में अधिकतम छह महीने का साधारण कारावास या ₹10,000 तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। BNSS की First Schedule के अनुसार यह गैर-संज्ञेय और जमानतीय अपराध है।
Related Sections
Section 206 BNS: समन या अन्य कार्यवाही की तामील से बचने के लिए फरार होना।
Section 208 BNS: लोक सेवक द्वारा जारी आदेश के पालन में उपस्थित न होना।
Section 209 BNS: BNSS की Section 84 के अंतर्गत उद्घोषणा के बावजूद उपस्थित न होना।
