भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 62 आजीवन कारावास या अन्य कारावास से दंडनीय अपराधों को करने के प्रयास (Attempt to commit offences) से संबंधित है।
इस धारा के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति इस संहिता के तहत दंडनीय किसी ऐसे अपराध को करने या करवाने का प्रयास करता है जिसके लिए आजीवन कारावास या अन्य कारावास की सजा का प्रावधान है, और उस प्रयास के दौरान अपराध करने की दिशा में कोई कदम उठाता है (act करता है), तो उसे इस धारा के तहत दंडित किया जाएगा। यह नियम तब लागू होता है जब उस विशिष्ट अपराध के प्रयास के लिए संहिता में कोई अलग से स्पष्ट प्रावधान (express provision) न दिया गया हो।
सजा का प्रावधान: ऐसे प्रयास के लिए अपराधी को उस अपराध के लिए निर्धारित सबसे लंबी सजा (या आजीवन कारावास) की अधिकतम अवधि के आधे हिस्से (one-half) तक की सजा दी जा सकती है। इसके साथ ही, उस अपराध के लिए निर्धारित जुर्माना, या फिर सजा और जुर्माना दोनों लगाए जा सकते हैं।
कानून में दिए गए उदाहरण (Illustrations):
- उदाहरण 1: यदि कोई व्यक्ति (A) गहने चुराने के इरादे से कोई बक्सा तोड़कर खोलता है, लेकिन उसे अंदर कोई गहना नहीं मिलता है, तो भी उसने चोरी करने की दिशा में एक कृत्य किया है और वह इस धारा के तहत दोषी है।
- उदाहरण 2: यदि कोई व्यक्ति (A) किसी अन्य व्यक्ति (Z) की जेब काटने के लिए उसकी जेब में हाथ डालता है, लेकिन Z की जेब में कुछ न होने के कारण वह विफल रहता है, तो भी A ने जेब काटने का प्रयास किया है और वह इस धारा के तहत दोषी माना जाएगा।
