दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 की धारा 4A के तहत, विवाह के लिए संपत्ति या हिस्सेदारी का विज्ञापन देना एक दंडनीय अपराध है।
यदि कोई व्यक्ति अपने बेटे, बेटी या किसी अन्य रिश्तेदार की शादी के एवज में (consideration के रूप में) अपनी संपत्ति, पैसे या व्यवसाय में किसी भी प्रकार की हिस्सेदारी देने का प्रस्ताव किसी अखबार, पत्रिका या किसी अन्य मीडिया के माध्यम से विज्ञापन के रूप में देता है, या ऐसे विज्ञापन को छापता और प्रसारित करता है, तो उसके लिए निम्नलिखित सजा का प्रावधान है:
- कारावास (जेल): कम से कम 6 महीने की जेल, जिसे 5 साल तक बढ़ाया जा सकता है।
- जुर्माना: या फिर उस पर 15,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
विशेष छूट: न्यायालय के पास यह अधिकार सुरक्षित है कि वह अपने फैसले में पर्याप्त और विशेष कारणों का उल्लेख करते हुए दोषी को 6 महीने से कम की सजा भी सुना सकता है।