भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 81 "धोखे से किसी महिला को कानूनी विवाह का विश्वास दिलाकर उसके साथ सहवास (cohabitation) या यौन संबंध बनाने" के अपराध और उसके लिए सजा का प्रावधान करती है। यह प्रावधान विशेष रूप से 'विवाह से संबंधित अपराधों' (Offences relating to marriage) की श्रेणी के अंतर्गत आता है।
धारा 81 के मुख्य प्रावधान (अपराध की परिस्थितियां): इस धारा के अनुसार, यदि कोई पुरुष नीचे दी गई परिस्थितियों का निर्माण करता है, तो उसे इस अपराध का दोषी माना जाएगा:
- छल या धोखा (Deceit): कोई पुरुष किसी ऐसी महिला के साथ छल या धोखा करता है, जिससे उसकी कानूनी रूप से शादी नहीं हुई है।
- विवाह का झूठा विश्वास दिलाना: वह पुरुष धोखे से उस महिला के मन में यह विश्वास पैदा कर देता है कि वह कानूनी तौर पर उसकी वैध पत्नी है (lawfully married to him)।
- सहवास या यौन संबंध: महिला जब इस झूठे विश्वास में होती है कि वे पति-पत्नी हैं, तब वह पुरुष उस महिला के साथ सहवास (cohabit - साथ रहना) करता है या उसके साथ यौन संबंध (sexual intercourse) बनाता है।
सजा का प्रावधान: इस प्रकार के धोखे और शोषण के लिए कानून में सख्त सजा निर्धारित की गई है:
- इस अपराध के दोषी पुरुष को अधिकतम 10 वर्ष तक के कारावास की सजा दी जा सकती है।
- अदालत द्वारा दिया जाने वाला यह कारावास मामले की गंभीरता के आधार पर साधारण या कठोर (imprisonment of either description) किसी भी प्रकार का हो सकता है।
- कारावास की सजा के साथ-साथ, अपराधी पर जुर्माना (fine) लगाया जाना भी अनिवार्य है।
सरल शब्दों में, यह धारा उन महिलाओं को मजबूत कानूनी सुरक्षा प्रदान करती है, जिन्हें फर्जी शादी रचाकर, विवाह का नाटक करके, या किसी अन्य धोखे के माध्यम से यह विश्वास दिलाया जाता है कि उनकी शादी हो चुकी है, और फिर उनके साथ शारीरिक संबंध बनाए जाते हैं।
