भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 79 "किसी महिला की गरिमा (modesty) का अपमान करने के इरादे से कहे गए शब्द, किए गए इशारे या कृत्य" को अपराध मानती है और उसके लिए सजा का प्रावधान करती है। यह कानून विशेष रूप से महिलाओं को मौखिक उत्पीड़न (verbal harassment), अश्लील इशारों और उनकी निजता में अनुचित दखलंदाजी से बचाने के लिए बनाया गया है।
धारा 79 के मुख्य कानूनी प्रावधान: इस धारा के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति किसी महिला के सम्मान या गरिमा को ठेस पहुँचाने (insult the modesty) के स्पष्ट इरादे से नीचे दिए गए कृत्यों में से कोई भी कार्य करता है, तो उसे इस धारा के तहत अपराधी माना जाएगा:
- शब्द या आवाज़ (Words or Sound): कोई भी ऐसे शब्द बोलना या कोई ऐसी आवाज़ निकालना (जैसे सीटी बजाना या फब्तियां कसना), जिसका स्पष्ट इरादा यह हो कि वह विशिष्ट महिला उन शब्दों या आवाज़ को सुने।
- इशारे या वस्तु का प्रदर्शन (Gesture or Object): किसी भी प्रकार का अश्लील या अनुचित इशारा करना, या किसी वस्तु को इस तरह प्रदर्शित करना, जिसका इरादा यह हो कि वह महिला उस इशारे या वस्तु को अनिवार्य रूप से देखे।
- निजता में दखल (Intrusion upon Privacy): उस महिला की निजता (privacy) में किसी भी प्रकार से दखलंदाजी करना या घुसपैठ करना।
सजा का प्रावधान: इस अपराध के लिए कानून में सख्त सजा तय की गई है। दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को साधारण कारावास (simple imprisonment) की सजा दी जाएगी, जिसकी अवधि अधिकतम 3 वर्ष तक हो सकती है। कारावास के साथ-साथ, ऐसे अपराधी पर अनिवार्य रूप से जुर्माना (fine) भी लगाया जाएगा।
सरल शब्दों में, यह धारा सार्वजनिक या निजी स्थानों पर महिलाओं के खिलाफ होने वाली 'ईव-टीजिंग' (छेड़छाड़), आपत्तिजनक टिप्पणियों, अवांछित इशारों और उनकी प्राइवेसी के उल्लंघन जैसे मामलों पर सख्ती से रोक लगाने का कार्य करती है।
